TRP Case: BARC ने चैनलों की रेटिंग पर 12 हफ्तों के लिए लगाई रोक

 

TRP Case: BARC ने चैनलों की रेटिंग पर 12 हफ्तों के लिए लगाई रोक

BARC टीवी चैनल्स (TV Channels) की रेटिंग (Rating) करने वाली संस्था है जिसके उपकरणों (Apparatus) से छेड़छाड़ की बात सामने आई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

TRP Scam: मुंबई पुलिस (Mumbai Police) के आयुक्त परमबीर सिंह ने दावा किया था कि रिपब्लिक टीवी और दो मराठी चैनलों ने टीआरपी में हेरफेर की है.

 

नई दिल्ली. टीआरपी रेटिंग एजेंसी BARC ने समाचार चैनलों के लिए साप्ताहिक रेटिंग अगले तीन महीने के लिए रोकने का ऐलान किया है. रेटिंग एजेंसी ने कहा कि वह फेक रेटिंग की खबरों और दावों के बीच अपने सिस्टम की समीक्षा करेगा. BARC ने कहा कि ‘न्यूज़ जॉनर’ के साथ ही BARC सभी समाचार चैनलों के लिए इंडिविजुअल वीकली  रेटिंग जारी करना बंद कर देगा. BARCs टेक कॉम की देखरेख में वैलिडेशन और ट्रायल को लेकर इसमें लगभग 8-12 सप्ताह लगने की उम्मीद है. BARC ने कहा, ‘BARC राज्य और भाषा के तहत दर्शकों के  न्यूज़ जॉनर  का वीकली इस्टिमेट देती रहेगी.’

कथित फर्जी टीआरपी घोटाला तब प्रकाश में आया जब रेटिंग्स एजेंसी ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (बीएआरसी) ने ‘हंसा रिसर्च ग्रुप’ के जरिए शिकायत दर्ज कराकर आरोप लगाया कि कुछ टीवी चैनल टीआरपी की संख्या में हेरफेर कर रहे हैं.

बता दें मुंबई पुलिस ने दावा किया था कि रिपब्लिक टीवी और दो मराठी चैनलों ने टीआरपी में हेरफेर की है. पुलिस ने बताया कि कथित टीआरपी घोटाले के सिलसिले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनमें दो मराठी चैनलों के मालिक शामिल हैं. रिपब्लिक टीवी के मुख्य वित्तीय अधिकारी शिव सुब्रमण्यम सुंदरम और सिंह इससे पहले पुलिस के समक्ष पेश होने से यह कहते हुए इनकार कर चुके थे कि टीवी चैनल ने राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

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