प्रदेश सरकार दुर्गा प्रतिमाओं की ऊँचाई का प्रतिबंध वापिस ले या मूर्तिकारों को न्यौछावर दे: डॉ राजेन्द्र चौबे

०-त्रिवेंद्र जाट की रिपोर्ट

देवरी सगर। कांग्रेस सेवादल ग्रामीण जिला सागर के जिलाध्यक्ष डॉ राजेन्द्र चौबे ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को एक ज्ञापन ईमेल किया है जिसकी एक प्रति उनके प्रमुख सचिव को भी मेल एड्रेस पर भेजी हैं।

मुख्यमंत्री की किये गए मेल के सम्बंध में प्रेस को जारी विज्ञप्ति में डॉ चौबे ने बताया कि हमारे प्रदेश के मूर्तिकार प्रतिबर्ष गणेश जी और दुर्गा जी की प्रतिमाओं का निर्माण कर उनकी न्यौछावर(बिक्री)से अपने और अपने परिवार का सालभर का खर्च चलाते हैं पर इस वर्ष कोरोना और लॉक डाउन के चलते मूर्तिकार गणेश प्रतिमाओं का निर्माण नही कर पाए जिससे उनके बर्ष का आधा बजट तो गड़बड़ा चुका है परन्तु प्रदेश की भाजपा सरकार ने उनकी कोई आर्थिक मदद नही की ।

विगत दिनों प्रदेश सरकार ने दुर्गा पंडाल लगाने के आदेश जारी किए जिससे मूर्तिकारों ने उत्साह से मूर्तियों का निर्माण शुरू किया और मूर्तियों का निर्माण अब जब पूर्णता की ओर है इस समय सरकार का एक तुगलकी फरमान जारी हुआ कि दुर्गा प्रतिमाओं की ऊँचाई 6 फ़ीट से अधिक नहीं होनी चाहिए सरकार के उक्त आदेश ने मूर्तिकारों को हैरानी में डालकर अचंभित कर रखा है ।

शासन का उक्त निर्णय मूर्तिकारों के पेट पर सीधा आघात पहुँचता दिख रहा है मूर्तिकारों को आर्थिक चोट से बचाने डॉ राजेन्द्र चौबे ने ज्ञापन के माध्यम से बताया है कि जब सरकार 6 फ़ीट से ज्यादा दुर्गा प्रतिमाओं की ऊँचाई नहीं चाहती थी तो जब उसने दुर्गा पण्डाल लगाने आदेश किया था के साथ ही प्रतिमाओं की ऊँचाई की सीमा भी स्पष्ट करना थी पर सरकार ने ऐसा न करके इन मूर्तिकारों के साथ क्रूर आर्थिक मजाक किया है

इस शोषण से मूर्तिकारों को बचाने के लिए कांग्रेस सेवादल जिलाध्यक्ष ने शासन प्रशासन से मांग की है कि सरकार अपना यह तुगलकी फरमान तत्काल निरस्त करे या मूर्तिकारों की जो मूर्तियां सरकार के मापदण्ड से ज्यादा है समय पर आदेश न करने से बनकर तैयार हो चुकी है उनको सरकार स्वंम ले (खरीदे)तथा मूर्तिकारों का मेहनताना व लागत अदा करें ताकि इन असंघठित मूर्तिकारों को भुखमरी तथा सरकार द्वारा पैदा किये गए इस क्रतिम आर्थिक संकट से मूर्तिकारों व उनके परिवारों को बचाया जा सके..