इंडियन फार्मासिस्ट एसोसिएशन (IPA) सच्चे और ईमानदार ड्रग इंस्पेक्टर राम लखन पटेल के साथ है

प्रदेश महामन्त्री अमित रावत के नेत्रवत में आज जबलपुर कमिसनर महेश चंद चौधरी जी से मुलाकात

जबलपुरइंडियन फार्मासिस्ट एसोसिएशन के श्री अंबर चौहान ने बताया कि दिनाँक 29 मई 2020 को जबलपुर में मेडिकल कॉलेज के सामने की गई कार्यवाही बिल्कुल सही और सत्य है! जिस मेडिकल में कार्यवाही की गई वो नियमो को ताक पर रख कर संचालित की जा रही थी , न कोई फार्मासिस्ट वहां पर उपस्थित था न ही सरकार द्वारा निर्धारित माप दंड पर मास्क और हैंडसेन्टाइजर कि बिक्री की जा रहे थी !

 

जब मुख्य चिकित्सक एवं स्वाथ्य अधिकारी के निर्देशों पर ड्रग इंस्पेक्टर कारवाही करने गए तो वहां गलत पाया गया वहाँ अमानक इस्तर का हेंड सेनिटाइजर बेचा जा रहा था, जो कि सरे आम माननीय कलेक्टर साहब की गाइडलाइन से विपरीत थी । इस दौरान हैंडसेन्टाइजर का सैम्पल लेना चाहा और कुछ डॉक्यूमेंट मांगे!

अमानक हैंड सेनिटाइजर एवं उसके डॉक्यूमेंट ना होने पर दवा दुकानों द्वारा मुद्दे को दबाने की कोशिश की गई लेकिन ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ औषधि निरीक्षक श्री पटेल द्वारा कार्यवाही निष्पक्ष होने बोला गया तो , हमेशा की तरह केमिस्टो के द्वारा ड्रग इंस्पेक्टर को धमकी दी जाने लगी और सभी मेडिकल स्टोर बन्द कर दी और झूठा आरोप लगाने लगे कि पैसे की मांग की गई है ,जबकि यह बिल्कुल निराधार है !

इसके पूर्व में भी श्री पटेल द्वारा कटंगी में कार्यवाही की गयी थी जिसमे सरकार द्वारा प्रतिबंधित दवा DICLOFENIC के 30 वायल जब्त किए थे, उस समय भी श्री रामलखन पटेल को सस्पेंड कर दिया था!

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आखिर ऐसा क्या राज़ है जिसमे सच्चाई से की हुई जाँच में औषधि निरीक्षक को कार्य क्षेत्र से अलग कर दिया जाता है, या फिर पुराने औषधि निरीक्षक का इसमे हाथ है जो नियम कानून को अलग कर गैर कानूनी कार्य अपने क्षेत्र में करवाते थे ।

इस संबंध में प्रदेश सचिव अखिलेश त्रिपाठी ने कहा कि आज तक कभी भी जबलपुर में दवा दुकानों में इस तरह की सच्चाईपूर्ण एवं निष्पक्ष कार्यवाही नही हुई और यदि बाहर से आई हुई औषधि निरीक्षको की टीम ने कार्यवाही भी की तो पुराने ड्रग इंस्पेक्टर प्रेम कुमार डोगरे के द्वारा मामला दबा दिया जाता था ! उसकी का परिणाम है कि आज सच्चे और ईमानदार युवा ड्रग इंस्पेक्टर को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है ,और कारवाही न करने के लिए झूठे आरोप लगा कर छवि को धूमिल किया जा रहा है।

प्रदेश के सभी फार्मासिस्ट संभागायुक्त महोदय से मांग करते है कि-


1-: जहां कार्यवाही हुई उस मेडिकल का कैमरा की वीडियो निकाली जाए, जिससे की पूरी सच्चाई सामने आ सके, साथ ही समस्त मेडिकल स्टोरों की जांच कराई जाए, साथ ही औषधि निरीक्षको की संयुक्त टीम गठित कर SDM के साथ जांच कराई जाए,जिसमे श्री रामलखन पटेल भी शामिल रहे , जिससे की केमिस्टों के काले कारनामे सामने आ सके !

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2-: ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के माप दंड के अनुसार सभी मेडिकल का फॉर्म 35 भरवाया जाए, साथ ही फिजिकल चेक कराया जाए, कि फार्मासिस्ट मेडिकल में बैठता है या नही ,कि वह कहि और तो कार्यरत नही है !

3-: यदि ड्रग इंस्पेक्टर रामलखन पटेल को निलंबित या कहि और ट्रान्सफर किया जाता है तो प्रदेश के समस्त फार्मासिस्ट शासकीय सहित ,मेडिकल फार्मासिस्ट, क्लीनिकल फार्मासिस्ट, हॉस्पिटल फार्मासिस्ट ,एजुकेशनल फार्मासिस्ट ,स्टूडेंट फार्मासिस्ट और दवा कंपनियों में काम करने वाले फार्मासिस्ट हड़ताल पर रहेंगे और काम करना बंद कर देंगे।

4-:जबलपुर शहर के बहुत से लोगो ने मेडिकल दुकाने बन्द कर के विरोध प्रदर्शन किया है, उन पर ESMA(Essential Services Maintenance Act) एक्ट के तहत कार्यवाही की जाए, साथ ही इस कोरोना के चलते हुए सोशल डिस्टेंसिग का पालन न करने पर FIR कराई जाए, जैसा की भारी भीड़ पेपर एवं न्यूज़ चैनल में दिखाई गई है।

5 जबलपुर सहित पूरे बिन्ध में फैल रहे नसे के कारोबार के लिए कई बार विधानसभा में विधायक प्रदीप पटेल और बिक्रम सिंह द्वारा प्रश्न उठाया गया था और कारवाही का बोला गया था मगर जब एक ईमानदार और सच्चे औषधि निरीक्षक द्वारा अपना काम किया जा रहा है और गलत चीजो पर लगाम लगाने का प्रयास किया जा रहा है तो कुछ दवा माफियो द्वारा झूठा आरोप लगा कर फसाया जा रहा है जो कि बिल्कुल ही गलत है ।