निर्धन व्यवसाईयों की आवाज बना एकता परिषद्

ekata parishad

निर्धन व्यवसाईयों की आवाज बना एकता परिषद्, ग्राम पंचायत पारा द्वारा निर्धन व्यवसाईयों के रोजगार को तहस-नहस करने पर व्यवसाईयों ने एकता परिषद् के बेनर तले कलेक्टर एवं एसडीएम को आवेदन देकर शिकायत दर्ज करवाई व्यवसाईयों को स्थायी रूप से जगह देने की मांग रखी।

झाबुआ। जरूरतमंदों और आम जनता की समय-समय पर आवाज उठाने वाले संगठन एकता परिषद् ने जिले के पारा क्षेत्र में कस्बे के बाहर अपनी अस्थायी दुकान लगाकर जैसे-तैसे अपने एवं परिवार का पालन-पोषण कर रहे व्यवसाईयों को ग्राम पचांयत पारा द्वारा सख्ती से हटाया जाकर जेसीबी मशीन से दुकाने तोड़ने एवं सामान तहस-नहस करने से आक्रोषित व्यवसाईयों ने 6 दिसंबर, मंगलवार दोपहर एकता परिषद् की इंदौर संभागीय अध्यक्ष दुर्गाबेन पंवार के नेतृत्व में अपनी आवाज को बुलंद करते हुए जिला प्रषासन को ज्ञापन सौपंकर न्याय की गुहार लगाई।

करीब 15-20 व्यवसाईयों ने कलेक्टोरेट परिसर में कुछ देर धरने पर बैठकर बाद एकता परिषद् की संभागीय अध्यक्ष दुर्गाबेन पंवार के नेतृत्व में उनके साथ ग्राम पंचायत द्वारा अपनाई गई बर्बरता एवं अमानवीय तरीके से रूष्ट होकर नारेबाजी की। तत्पष्चात् जिलाधीष श्रीमती रजनी सिंह एवं एसडीएम सुनिलकुमार झा को ज्ञापन सौंपा।

भाजपा नेता पति-पत्नी पर आरोप, आवास योजना के नाम पर लिये 5 हजार

निर्धन व्यवसायी कालू भूरिया, लिमसिंह निनामा, मुकेष, संजु, दीवान, सोनू कुरैषी, सुकराम, अनिता पेमा, कालूभाई कुरैषी, अमान कुरैषी सहित अन्य महिलाओं द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि उनके द्वारा पारा में क्षेत्र से बाहर अपनी अस्थायी दुकाने लगाकर वर्षों से व्यवसाय संचालित किया जा रहा है, लेकिन ग्राम पंचायत पारा के सरपंच एवं सचिव द्वारा बार-बार उन्हें परेषान करते हुए उनकी दुकाने हटा दी जाती है एवं उनकी आय का साधन छीन लिया जाता है। उनके व्यवसाय से किसी को कोई भी परेषानी नहीं होती है।

ये 349 रुपये का डिवाइस छत पर लगा दें, बिजली हो जाएगी Free, नहीं आएगा बिल!

उक्त व्यवसाईयों के अनुसार ग्राम पंचायत सरपंच-सचिव द्वारा निर्धारित जगह पर ही व्यवसाईयों द्वारा दुकाने लगाने के बाद भी उन्हें अक्सर कोई ना कोई बहाना बनाकर परेषान किया जाता है।

जेसीबी मषीन से दुकाने तुड़वा दी गई

उक्त व्यवसाईयों ने बताया कि पिछले सप्ताह रामा तहसीलदार एवं ग्राम पंचायत पारा सरपंच-सचिव ने तानाषाही एवं मनमाना रवैया अपनाते हुए भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी मषीन से सभी दुकानों को तुड़वा दिया गया एवं सारा सामान तहस-नहस कर दिया।

जिससे व्यवसाईयों को काफी नुकसान हुआ। आपत्ति लेने पर कोई सुनवाई नहीं की गई। ज्ञापन में उक्त व्यवसाईयों ने निर्धन वर्ग के होने से उन्हें दुकान संचालन हेतु स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग रखी। ज्ञापन बाद कलेक्टर श्रीमती सिंह ने मौके पर उपस्थित एसडीएम श्री झा को इस मामले में कार्रवाई किए जाने हेतु निर्देषित किया।