Loan पर Banks वसूल रहे ज्यादा ब्याज, RBI ने कही बड़ी बात!

बैंकों और एनबीएफसी पर आरोप लग रहा है कि वो Loan पर लोगों से ज्यादा ब्याज वसूल रहे हैं। दरअसल कई लोगों की शिकायत आ रही थीं और कई ऐसे मामले सामने आ रहे थें, जिसमें कहा कहा जा रहा था कि बैंक Loan पर तय सीमा से ज्यादा ब्याज वसूल रहे हैं। इसके बाद आरबीआई ने इसपर गौर किया।

आरबीआई ने खुद कहा कि, इस मामले को लेकर थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है। RBI के सामने ये शिकायतें आई थीं। इसी वजह से आरबीआई ने बैंक पर ज्यादा वसूलने की बात कही। चलिए आपको बताते हैं उन 4 तरीकों के बारे में, जिनके द्वारा बैंक ज्यादा ब्याज वसूल रहे थें।

Loan अप्रूवल होने की तारीख से ब्याज वसूलना

बता दें कि कई बैंक अपने दिए गए लोन पर ग्राहकों से लोन अप्रूवल की तारीख से ब्याज वसूल रहे थे। जबकि बैंक को तब से ब्याज लगाना चाहिए जिस दिन लोन की रकम लोगों के खाते में पहुंच जाए।

चेक देने की तारीख से ब्याज लेना

इसी तरह से बैंक चेक के जरिए लोन देने की तारीख से ब्याज वसूल रहे थे। बैंक जिस दिन चेक जारी करते थे उसी दिन से ब्याज लग रहे थे। जबकि बैंक चेक कई दिनों बाद ग्राहकों को देते हैं। इसीलिए ब्याज चेक सौंपने की तारीख से ब्याज वसूलना चाहिए।

बकाया को दिनों के हिसाब से नहीं बल्कि महीनों के हिसाब से वसूलना

किसी महीने में बकाया देने या रीपेमेंट करने पर बैंक पूरे महीने का ब्याज वसूलते हैं। जबकि बैंकों यह करना चाहिए कि उन्हें सिर्फ उतने दिन का ब्याज लेना चाहिए जितने का लोन बकाया है। पूरे महीने का नहीं।

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किस्त एडवांस लेने पर भी ब्याज पूरे लोन पर वसूलना

कई बार लोग Loan की एडवांस किस्त दे देते हैं, लेकिन फिर भी बैंक लोन की पूरी रकम पर ब्याज की गणना करके ब्याज वसूलते हैं। आरबीआई का कहना है कि इस तरह से ब्याज वसूलना गलत है। यह गंभीर विचार करने का कारण है।