प्रेम करना ही शक्ति है- शिवानी दीदी

Shivani Didi

इंदौर। कोहरे और ठंड के बावजूद दुआओं का बैंक बैलेंस जमा करने वाले कम नहीं रहे। खेल प्रशाल में शिवानी दीदी (Shivani Didi) को सुनने के लिए अलसुबह ही जगह बना ली थी। रेसकोर्स रोड कारों से पट गया। कलेक्टर इलैया राजा और नगर निगम कमिश्नर हर्षिका सिंह भी थीं।

समय सुबह साढ़े सात बजे का था,  प्रवचन आधा घंटा देरी से शुरू हुआ। सॉउंड सिस्टम साथ नहीं दे रहा था। खलल रास नहीं आ रहा था। जिससे शोर शराबा होने लगा। शिवानी दीदी ने दखल देते हुए कहा कि शांत रहो, यह भी ठीक हो जाएगा।

Shivani Didi :  इंसान ने आत्मा को जकड़ कर रखा है उसे आजाद छोड़ने की जरूरत है

शिवानी दीदी (Shivani Didi) ने कहा कि आज इंसान ने आत्मा को जकड़ कर रखा है। उसे आजाद छोड़ने की जरूरत है। दुआएं असंभव को संभव बना देती हैं। दो लोग प्रेम करते हैं, खुशी-खुशी जीते हैं, तो वो शक्ति है। उसमें से एक चला जाए, तो उसकी याद में दुःखी रहना ठीक नहीं है।

जाने वाले को भी दुआ की जरूरत पड़ती है, ताकि नए शरीर में भी जाकर खुश रहे। उसको दुआएं देना कि आप हमारी चिंता न करें, जहां रहें खुश रहें। “कभी यह न कहें कि हम आशा करते हैं कि आप ठीक होंगे। हमेशा कहें कि मुझे विश्वास इससे पॉजिटिव एनर्जी मिलती है।

जब किसी को गुस्सा आता है, तो लोग कहते हैं कि वह कितना गुस्सैल है। इसकी बजाय कहना है कि आप शांत रहो।” जो दिख रहा है, उसकी बजाय जो नहीं दिख रहा है, उस पर फोकस करना है,इससे पॉजिटिव एनर्जी मिलती है। जब किसी को गुस्सा आता है, तो लोग कहते हैं कि वह कितना गुस्सैल है।

इसकी बजाय कहना है कि आप शांत रहो, पहली हमारी आत्मा, दूसरा शरीर, तीसरा जिसे हमने दुआ दी है, उसके बाद प्रकृति। कोरोना आया, तो लोगों को संभलना सिखाया, जाते ही डर छोड़ गया। लोग सवाल करते हैं कि कितना कमाया, लेकिन यह जरूरी नहीं है। हमारे कमों को हमारी दुआ लगती है। हमारा भाग्य हमारे कर्मों से ही बनता है।

शिवानी दीदी उन लोगों से परेशान होती दिखीं, जो सुनने की बजाय फोटो खींचने में लगे थे। जब तक शिवानी दीदी बोलीं, सुनते रहे। दीदी की बातें मीठी और दिल में उतरने वाली हैं। शहर के हर कोने से लोग पहुंचे थे। शहर की सड़कें सुनसान थीं, लेकिन शिवानी दीदी को सुनने वालों की वजह से रेसकोर्स रोड भरा पड़ा था।

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